रूस की मिसाइल रक्षा प्रणाली S-500 पहले ही पूरी दुनिया में धूम मचा चुकी है और भारत से लेकर तुर्की तक ने इसे ख़रीदने के लिए अमरीका जैसे अपने मित्र देशों की नाराज़गी मोल ली है।
दुनिया भर के सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि S-500 अभी ऑप्रेशनल नहीं हुआ है, इसलिए उसकी खूबियों और ख़ामियों के बारे में कहना जल्दबाज़ी होगी, हां इतना ज़रूर है रूस ने इसे अधिक कारगर बनाया होगा, जिससे इसे दुनिया का सबसे शक्तिशाली हथियार कहा जा सकता है।
रूसी मीडिया और सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि S-500 ऐसा पहला मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम होगा, जो F-35 जैसे पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमानों को सटीक रूप से निशाना बनाने और बेअसर करने में सक्षम होगा।
हालांकि आधिकारिक रूप से अभी तक S-500 की सामरिक विशेषताएं गोपनीय रखी गई हैं, लेकिन रूसी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह सिस्टम 600 किलोमीटर की दूरी तक ध्वनि की गति से 20 गुना अधिक गति वाले या प्रति सेकंड 4 मील की गति वाले 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को एक साथ नष्ट कर सकता है।
अल्माज़-एन्टे के प्रमुख इंजीनियर पावेल सोज़िनोव का कहना हैः " S-500 अमरीका की प्रतिष्ठा पर घातक प्रहार है। हमारा यह सिस्टम अमरीका के आक्रामक हथियारों को बेअसर और निष्क्रिय कर देगा। और यह अमरीका की सभी वायु रक्षा प्रणालियों से कहीं बेहतर है।"